माता जिनको याद करे वो लोग निराले होते है
माता जिनका नाम पुकारे किस्मत वाले होते है
चलो बुलावा आया है माता ने बुलाया है
हो उंचे पर्वत पे रानी माँ ने दरबार लगाया है
चलो
सारे जग में एक ठिकाना सारे गम के मारो का
रस्ता देख रही है माता अपनी आँख के तारों का
हो मस्त हवाओं का एक झोंका ये संदेशा लाया है
चलो बुलावा ....
जय माता दी कहते जाओ आने जाने वालों को
चलते जाओ तुम मत देखो अपने पाँव के छालों को
हो जिसने जितना दर्द सहा है उतना चैन भी पाया है
चलो बुलावा आया है
वैष्णो देवी के मंदिर में लोग मुरादें पाते है
रोते रोते आते हैं हँसते हँसते जाते हैं
मैं भी मांग के देखु जिसने जो मांगा सो पाया है
चलो बुलावा आया हैं