जब कोई न संभाले, संभालते दलीप
कोई न कोई रास्ता निकालते दलीप
ऐसा कोई काम नहीं है, जो दाता हमारा कर नहीं सकता
ऐसा दामन बना नहीं है जो दाता हमारा भर नहीं सकता
चाहे जैसी किस्मत सवारते दलीप
कोई न कोई रास्ता निकालते दलीप
जब है आवाज लगाई, पल भर में तुम आए दाता
पुकार हमारी देर हुई पर तुम न देर लगाए दाता
लाखों ब्रह्मांडों को पालते दलीप
कोई न कोई रास्ता निकालते दलीप
दुनिया के हैं लाख सहारे, हमको तो बस तेरा सहारा
सारी दुनिया एक तरफ है, एक तरफ है दाता हमारा
कैसी भी हो विपदा को टालते दलीप
कोई न कोई रास्ता निकालते दलीप