Laravel

 

"मैं तेरी हा मलंग वाता"

 

के एक दिन बैठे बिठाए ये जुनू मुझको हुआ के अपने दरवाजे से नीकला इनके वर पे जा लगा हो रही थी राज की, बाते झाड़ा सुनता रहा के एक आशीक उनके कदमों में पड़ा से कहता था...

 

* बूटे तेरे खड़ीया में पल्ला नान के आ गड्या दवारे तँनु सखी जानके मेरी उजडी जोक वसा दाता... मैं तेरी हा मंलंग दाता, तू चुन्नी मरीरंग दाता

 

1) तू लजपाल तेरा मंगता जहान ऐ कूल वलीया चो दाता उच्ची तेरी शान ए मैं मंगती वू चरणी ला दाता... मैं तेरी...

 

जग उत्ते तू मेरा माण ते तराण ए तू मेरी जिन्दगी ते तू मेरी पान ए हुण मेरी वी गल बना दाता... मैं तेरी

 

3) लूट्टे तेरी खड़ी दाता तैनू में पुकार दी सुन लै सदा एस कोजी बदकार टी. मेरी करते एक माफ खता दाता. मैं तेरी...

 

4) सानू दाता तेरी बस तेरी दाता चाह ए तेरी जो रजा ए सोड़े रख दी रज़ा ए मेरी कर मंजूर दुआ दाता.. मैं तेरी...