हे भाई ! मेरा मालिक प्रभू सदा दया करने वाला है।
सदा दयालु है।सदा दयालु है।
वह सारे जीवों को (सब पदार्थों का) दान देता है।रहाउ।
हे भाई ! तू क्यों घबराता है।पैदा करने वाला प्रभू तेरी (जरूर) रक्षा करेगा।
जिस (प्रभू) ने तुझे पैदा किया है।वही (सारी सृष्टि को) आसरा (भी) देता है। 1।
हे भाई ! जिस परमात्मा ने सृष्टि पैदा की है।वही (इसकी) संभाल करता है।
हरेक शरीर में बसने वाला प्रभू (सारे जीवों के) दिलों का मालिक है।वह सदा कायम रहने वाला है।और।सब की पालना करने वाला है।
हे भाई ! उस मालिक की कुदरत का मूल्य नहीं समझा जा सकता।वह सबसे बड़ा है उसे किसी की मुथाजी नहीं।
हे बँदे ! जब तक तेरे शरीर में सांस चलती है तब तक उस मालिक की बँदगी करता रह।
हे प्रभू ! तू सब ताकतों का मालिक है।तेरा स्वरूप बयान नहीं किया जा सकता।ज्ञानेन्दिंयों के द्वारा तुझ तक पहुँच नहीं की जा सकती। (हम जीवों का ये) शरीर और जिंद तेरी ही दी हुई पूँजी है।
जिस मनुष्य पर तेरी मेहर हो उस को (तेरे दर से बँदगी का) सुख मिलता है।नानक की भी सदा तेरे दर पे यही अरदास है (कि तेरी बँदगी का सुख मिले)।