मेरे सर पे हाथ तुमने जब से रखा हुआ है मुझ गरीब का जहाँ में परदा ढका हुआ है
① मुझको हरइक बला से, महफूज़ कर दिया है
खाली था मेरा दामन, खुशीयों से भर दिया है
तेरी कृपा से मेरा दामन भरा हुआ है। -मेरे
② हर इक जगह पे मेरी, रखी है लाज तुमने
मुक्को बचा लिया है बंदा नवाज तुमने
सुनकर पुकार मेरी हाजिर सदा हुआ है।-
③ सर को भुला दिया है जबसे तुम्हारे दर पर
किस्मत, सवर रही है सद्के तेरी नज़र के
"तेरी जबसे मुकचे नज़र हो गई है, जमाने
तेरा आस्ता ना छूटे मेरे दिल की सदाह
④ चौखर तुम्हारी दाता मुझे रास आ गई है माने खुदा की कुदरत मेरे पास अगई है तेरे दर का जनसे नारा 'सेफ बना हुआ है