हे प्रभू ! तू (ही) मेरी जिंद का सहारा है।
हे प्रभू ! मैं तेरे ही आगे नमस्कार करता हूँ। दण्डवत् करके नमस्कार करता हूँ। मैं अनेकों बार तुझसे सदके जाता हूँ।
हे प्रभू ! उठते। बैठते। सोते। जागते (हर वक्त) मेरा ये मन तुझे ही याद करता रहता है।
मेरा ये मन अपना सुख अपना दुख अपनी हरेक पीड़ा तेरे ही आगे रखता है।
हे प्रभू ! तू ही मेरा सहारा है। तू ही मेरा माण है। तू ही मेरा ताण (बल) है। तू ही मेरी बुद्धि है। तू ही मेरी समृद्धि (धन) है। और तू ही मेरे वास्ते मेरा परिवार है।
हे नानक ! (कह- हे प्रभू !) जो कुछ तू करता है मेरे वास्ते वही भलाई है। तेरे चरणों के दर्शन करके मुझे आत्मिक आनंद प्राप्त होता है।