तू इतनी दूर क्यों है मां , बता नाराज क्योंहै मां
में तेरा हैं बुला ले हा गले फिर से लगाले तू
ओ... प्यारी में, ओ में प्यारी माँ,
●तेरे आंचल की दाया को मेरी नीदै तरसती हैं ,
तेरी यादों के आँगन में मेरी ऑरवें बरसती हैं,
परेशां हो रहा हैं में अकेला रो रहा हैं यों
में तेरा है बुला ले तू,
● सुना हैं मैंने माॅ का दिल नहीं होता पत्थर का,
बुलाता हैं तुझे आजा अकेलापन मेरे घर का
ये दीवारें गिरादे अब झलक अपनी दिखादे अब,
में तेरा हे.....
●तेरे चरणों में मंदिर हैं तू हर मंदिर की मूरत हैं
हर इक भगवान की मुक्त मेरी माँ की सूरत
है मैं तेरा हूँ......