तेरा जल्वा हुजूर देखा है, ज ज में नूर देखा है।
नूर देखा है नूर देखा ............
तुझको देखा तो कह उठी आँखे
ऐसा जग में न पीर देखा है...
तेरी नजरें करम हुई जिस पर
उसको मस्ती में चूर देखा है।
तेरे आगे तो बादशाहों का
चूर होता गरूर देखा है।
दिल कहे आपका मैं चाकर बनूं
प्यार तुझमें हुजुर देखा है।
फिर न दुनियां की उसे चाह रही
जिसने तेरा ही नूर देखा है।