दाता तेरे भरोसे मेरा परिवर है,
तू ही तो मेरी नाव का मांझी,
तू ही पतवार है,
दाता तेरे...
जिदंगी दा सफर है, दाताजी ओखा लगदा,
जे तुसी नाल हो, ओखा वी सोखा लगदा,
आके जरा वेख लो जी, कौन कोई याद करदा,
दाता तेरे...
चाहता है दिल मेरा, तेरा दीदार पाऊँ,
अपने इस मन मंदिर में, सोणा दरबार सजाऊं,
आँखे है दर्श की प्यासी, अब तो दीदार हो,
दाता तेरे...
हर पड़ी घड़ी हर जगह मैं तेरा अहसास पावां,
तू सदा नाल मेरे, ऐही ही विरद पकावों,
डोले ना मन ऐ मेरा, एहो फरियाद है,
दाता तेरे...