"जय सिया राम"
लगते हैं बड़े प्यारे दाता ये चरण तर,
ह्रदय में बसालू में दाता ये चरण तेरे
इन चरणों की धूलि को, मस्तक पे लगाऊँ में,
इन चरणों में दाता' जी, सच्या सुख पाउँ मैं,
दीवाना बनाते हैं, दाता ये चरण तेरे,
लगते....
इन चरणों का दाताजी ऋषि-मुनि गुण गाते हैं;
सजदा जब करते हैं, सच्चा पुरख पाते हैं,
देते है मब को चैन, दाता ये चरण तेरे,
लगते....
* इन चरणों का दाताजी हम सबको सहारा हैं,
मैं दास तुम्हारा हू क्यों मुझको निजारा हैं,
सोई किरगत जगाते हैं, दाता ये चरण तेरे,
लगते....