दाता ये सुना है रहते हो, तुम गरीबो में -
देखा जलवा है, तेरा हबीबो में -
दाता में सुनी ---
आहे भर-भर के इल्तजा करके ,
हम तो जीत है, तेरी राह तक के,
सिर्फ रखते भरोसा नसीबो में,
दाता मे सुना---
दिल को उम्मीद है तेर आने की,
मैं हर कोशिश करूंगा रिसाने की,
सिर को रखा है तेरे ही दहलीजो पै,
दाता ये सुना ----
हम तो. मुफ़लिस है कोई शाह तो नही,
तेरे. चाकर है, बादशाह तो नही,
फिर क्यो अति नही हो पुरीदो में, पाता ये पुना----
कुछ कमी न रही तेरे खजानो गे,
मैं पड़ा रह गना आसताने में,
चंचल क्यों ना मिला खुशनसीबो मैं,
दाता ये सुना....