"जाम सिया राम"
दिवाना तेरा आया, बाबा बेदी नगरी में,
नजराना दिल का लाया, बाबा बेदी नगरी में
मिलों मुझको मेरे दाता, भरनी तुम्हें पड़ेगी,,
झोली में खाली लाया, बाबा बेदी नगरी में,
दिवाना...
यू तो हजारों मंजर देखे हँसी मैने,
दिल ने सुकून यही पाया,बाबा तेरी तगरी में
दिवाना...
तेरे दर को छोड़कर मैं, कई और कैसे जाऊँ,
सबकुछ तो यहीं पाया, बाबा तेरी नगरी में,
दिवाना...
हो राम, कृष्ण विष्णु या शेरोंवालीं मैयां,
मुझको नजर तु आया, बाबा वेदी नगर में,
दिवाना तेरा आया..."